मोहाली में ई-राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई*
ब्यूरो रिपोर्ट,एस.ए.एस नगर :
• *जि़ले की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत जहाँ झगड़ों का निपटारा दोनों पक्षों को इक_े बैठाकर और ऑनलाइन तरीके से किया गया*
• *जि़ला हैडक्वाटर में 12 और सब-डिविजऩ खरड़ और डेराबस्सी में 2-2 बैंच समेत 16 बैंचों का किया गया गठन*
• *896 केसों का किया गया निपटारा*
• *53.33 करोड़ रुपए का दिया गया मुआवज़ा*
• *लोक अदालतें झगड़ों के जल्द और सुखद हल के साथ मुकदमा लडऩे वाले पक्षों के लिए वरदान-आर.एस. राय, जि़ला और सैशन जज-कम-चेयरमैन, जि़ला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी*
राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, नई दिल्ली द्वारा भेजे गए प्रोग्राम के अनुसार जस्टिस डॉक्टर एस. मुरलीधर, जज, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट और कार्यकारी चेयरमैन, पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की सरपरस्ती और श्री आर.एस. राय, जि़ला और सैशन जज-कम-चेयरमैन, जि़ला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी एस.ए.एस. नगर के नेतृत्व अधीन आज ई-राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई।
ई-राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान क्रिमिनल कम्पाउंडएबल ओफैंसीज़, ऐन.आई. एक्ट केस अंडर सैक्शन 138, बैंक रिकवरी केस, एम.ए.सी.टी केस, मेट्रीमोनियल डिसप्युटज़, लेबर डिसप्युटज़, लैंड एक्युजिशन केस, इलैक्ट्रीसिटी एंड वॉटर बिल (एक्सक्लुडिंग नॉन कम्पाउंडएबल थैफ्ट केस), सर्विसिज़ मैटर रिलेटिंग टू पे एंड अलाउऐंस एंड रिट्रायल बैनेफिट्ज़, रेविन्यू केस, अदर सिविल केस (रेट, ईज़मैंटरी राइट्स, इनजंकशन सूट्स, स्पेसिफिक परफोरमैंस सूट्स) आदि केस निपटारे के लिए रखे गए।
आज की इस ई-राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2066 केस निपटारे के लिए रखे गए, जिनमें से 896 मामलों का निपटारा करके तकरीबन 53.33 करोड़ रुपए कीमत के अवॉर्ड पास किये गए। यहाँ यह भी वर्णनयोग्य है कि यह पहली ऐसी ई-राष्ट्रीय लोक अदालत थी, जिसमें झगड़ों का निपटारा पार्टियों को इक_े बैठाने के साथ-साथ ऑनलाइन विधि के द्वारा भी किया गया।
जि़ला और सैशन जज-कम-चेयरमैन, जि़ला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी द्वारा ई-राष्ट्रीय लोक अदालतों के अलग-अलग बैंचों का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर उनके साथ श्रीमती शिखा गोयल, सचिव, जि़ला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, एस.ए.एस. नगर भी उपस्थित थे।
मीडिया कर्मियों के साथ लोक अदालतों के फ़ायदों संबंधी बातचीत करते हुए जि़ला और सैशनज़ जज ने बताया कि लोक आदलतों में पास किये गए अवॉर्ड फ़ाईनल होते हैं और लोक अदालतों में फ़ैसला होने पर मामलों में लगी हुई कोर्ट फीस वापिस कर दी जाती है। इन केस के फ़ैसले की कोई अपील नहीं होती और राज़ीनामा करने के कारण पार्टियों के रिश्ते में दरार नही पड़ती और पार्टियाँ खुशी-खुशी घर जाती हैं। चेयरमैन, जि़ला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने दोहराया कि लोक अदालतें मुकदमा लडऩे वाले पक्षों के लिए वरदान हैं जहाँ वह झगड़ों का निपटारा जल्द और बिना किसी फीस के मुफ़्त करवा सकते हैं।
इस ई-राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जि़ला और सैशन जज-कम-चेयरमैन, जि़ला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, एस.ए.एस. नगर द्वारा अलग-अलग मीटिंगें बुलाई गईं, जिसमें सभी जज साहिबानों को ई-राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निपटारों के लिए उत्साहित किया गया। जि़ला और सैशन जज द्वारा बार ऐसोसीएशन एस.ए.एस. नगर, डेराबस्सी और खरड़ के प्रधान और सचिवों को भी अपने स्तर पर इस ई-राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार करने के लिए उत्साहित करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों जैसे कि बैंक, बिजली विभाग, लेबर विभाग और इंशोरैंस कंपनियाँ आदि को इस ई-राष्ट्रीय लोक अदालत संबंधी अवगत करवाया गया और उनको बताया गया कि जो भी केस राज़ीनामे के आधार पर निपटाए जा सकते हैं, वह इस ई-लोक अदालत में लाए जाएँ।
आज की ई-लोक अदालत में जि़ला हैडक्वाटर पर 12 बैंचों का गठन किया गया, जिनकी अध्यक्षता श्री रजनीश गर्ग, अतिरिक्त जि़ला और सैशन जज, श्रीमती मोनिका गोयल, अतिरिक्त जि़ला और सैशन जज, श्री दविन्दर कुमार गुप्ता, अतिरिक्त जि़ला और सैशन जज, श्रीमती गिरिश,़ अतिरिक्त जि़ला और सैशन जज, श्रीमती दीपिका सिंह, चीफ़ जूडीशियल मैजिस्ट्रेेट्स, श्री अमित बख्शी, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ), श्रीमती हरजिन्दर कौर, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ), श्री रवतेश इंदरजीत सिंह, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ), श्रीमती पपनीत, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ), श्रीमती ख्याति गोयल, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ), श्री कमल कांत, चेयरमैन, स्थाई लोक अदालत (जन उपयोगी सेवाएं) और श्रीमती गुरमीत कौर, प्रीजाईडिंग अफ़सर, इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल की तरफ से गईं।
इसके अलावा राष्ट्रीय ई-लोक अदालत के लिए सब डिविजऩ, डेराबस्सी में 2 बैंच श्री गौरव दत्ता, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ), श्री जगमीत सिंह, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ) और सब डिविजऩ, खरड़ में 2 बैंच श्रीमती शिल्पी गुप्ता, एडीशनल सिविल जज, (सीनियर डिविजऩ) और श्रीमती गरिमा गुप्ता, सिविल जज (जूनियर डिविजऩ) के नेतृत्व में गठत किए गए।



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