सुखदेव चौधरी को सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी करना पड़ा महंगा!
ब्यूरो रिपोर्ट,16 दिसंबर 2020:
ज़ीरकपुर,पंजाब :
सुखदेव चौधरी द्वारा बिल्डर सनी गर्ग डायरेक्टर फार्च्यून मलटीटेक पर सोशल मीडिया पर कई आरोप लगाए गए जिसमे कहा गया की बिल्डर सनी गर्ग के प्रोजेक्ट विक्टोरिया हाइट्स और विक्टोरिया फ्लोर्स/होम्स की कंस्ट्रक्शन नगर कौंसिल जीरकपुर द्वारा पास नक़्शे मुताबिक नहीं हुई है और यह भी कहा गया की उनकी कंपनी ने ढकोली पीर मुच्छला की 66 फीट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण किया हुआ है जिससे की आम जनता को आने जाने में बहुत परेशानी होती है। जिसके खिलाफ बिल्डर सनी गर्ग ने डेरा बस्सी सिविल अदालत में सुखदेव चौधरी के खिलाफ मानहानि का दावा दायर किया। जिसमे की डेरा बस्सी अदालत के माननीय जज साहब श्री गौरव दत्ता जी ने अपने हुकम से सुखदेव चौधरी पर बिल्डर को सोशल मीडिया पर धमकाने और उनके खिलाफ किसी भी तरह के अपवादक ब्यान देने पर पाबन्दी लगाई। इस दावे की सुनवाई के दौरान फार्च्यून मल्टीटेक के डायरेक्टर सनी गर्ग द्वारा यह बताया गया की सुखदेव चौधरी ने उनसे 1 करोड़ रूपए की मांग की और कहा की अगर उसकी यह मांग पूरी नहीं की गयी तो वह सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में सनी गर्ग , उनकी कंपनी फार्च्यून मल्टीटेक और अन्य डायरेक्टर्स की बदनामी करेगा लेकिन जब सनी गर्ग ने उसकी यह मांग पूरी करने से मना कर दिया तो सुखदेव चौधरी ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनी गर्ग और उनकी कंपनी की बदनामी करनी शुरू कर दी। माननीय अदालत द्वारा जब इस बात की जाँच की गयी तो पाया गया की जो पोस्ट सुखदेव चौधरी द्वारा सोशल मीडिया पर यह कह कर डाली गयी थी की उसने सनी गर्ग की कंपनी से 1 करोड़ रूपए लेने है और उनको कई करोड़ो का नुकसान कर दिया है जो की झूठ पाया गया और ये पाया गया की सुखदेव चौधरी ने बिल्डर के एक प्रोजेक्ट में 5 लाख रूपए एडवांस देकर 1 फ्लैट बुक कराया था पर पैसे ना होने के कारण उसने बिल्डर से अपने पैसे वापस मांगे। इसके तहत 1 एफिडेविट दिनांक 18 .12 .2019 सुखदेव चौधरी की बीवी और बेटी की तरफ से भी लगाया गया था जिसमे उन्होंने कहा की हमारे पास फ्लैट खरीदने के पैसे नहीं है इसलिए हमारे पैसे वापस किये जाएँ और उन्हें विक्टोरिया हाइट्स के संशोधित लैय आउट प्लान से कोई ऐतराज़ नहीं है। यह एफिडेविट प्राप्त करने के बाद बिल्डर सनी गर्ग द्वारा सुखदेव चौधरी के उक्त 5 लाख रूपए वापस कर दिए गए थे और कुछ भी बकाया नहीं रह गया था। जहाँ तक 66 फ़ीट चौड़ी सड़क पर बिल्डर द्वारा अतिक्रमण करने की बात थी इसके बारे में दिनांक 25 .01 .2020 की तहसीलदार द्वारा तैयार की गयी पैमाइश रिपोर्ट पेश की गयी जिसमे की सुखदेव चौधरी के आरोप के मुताबिक बिल्डर द्वारा किये गए अतिक्रमण को नकार दिया गया। केस के दौरान बिल्डर सनी गर्ग ने सुखदेव चौधरी जो की अपने आप को जॉइंट एक्शन कमिटी का प्रधान कहता है उससे पूछा की वो इस कथित जॉइंट एक्शन कमिटी की वैद्यता को साबित करे जिसका प्रमाण सुखदेव चौधरी देने में असफल रहे और माननीय अदालत ने ये भी कहा की सुखदेव चौधरी किसी भी कथित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का मेंबर नहीं है और यह भी कहा की वह आम जनता का प्रतिनिधि या सामाजिक कार्यकर्ता ना बनकर बल्कि गलत तरीके से अपमान करके बिल्डर सनी गर्ग की प्रतिष्ठा को नुक्सान पहुँचाया। बिल्डर सनी गर्ग ने यह भी बताया की केस की सुनवाई के दौरान भी सुखदेव सिंह उर्फ़ सुखदेव चौधरी ने सोशल मीडिया पर गलत और अमान्य पोस्ट्स भी शेयर की थी जिस पर माननीय अदालत ने संज्ञान लेते हुए कहा की सुखदेव चौधरी के यह कार्य दुर्भावनापूर्ण और हताश से भरे है। सुखदेव चौधरी के वकील द्वारा कहा गया की उसने बिल्डर सनी गर्ग और उनकी कंपनी की की कोई मानहानि नहीं की बल्कि यह भारतीय संविधान द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है जिसकी वजह से उसने उपरोक्त आरोप लगाए है जिस पर माननीय डेरा बस्सी की अदालत ने माननीय सुप्रीम कोर्ट तथा माननीय पंजाब एंड हरयाणा हाई कोर्ट द्वारा के कई केसों में दिए निर्णयों के आधार पर बिल्डर सनी गर्ग की कंपनी को इंसाफ दिया और कहा की सुखदेव चौधरी को अभिव्यक्ति की आज़ादी व स्वतंत्रता से नहीं रोक रही बल्कि उसके द्वारा गलत इरादों से और अमान्य पोस्ट जो की उसने सोशल मीडिया पर शेयर किये है उसपे पाबन्दी लगाई गयी है।
इस सम्बन्ध में सुखदेव चौधरी ने कहा कि मैं शहर में हो रहे गलत निर्माण के ख़िलाफ़ हूं न कि किसी व्यक्ति के और मैं माननीय कोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान करता हूं ।
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